जुम्आ की नमाज़ पढ़ने का तरीका
1️⃣ नियत (Niyat)
नीयत की मैंने चार रकअत नमाज़ जुम्आ की सुन्नत रसूले पाक की वास्ते अल्लाह तआला के रूख़ मेरा काअवा शरीफ़ की तरफ़ अल्लाहु अकबर
2️⃣ तकबीर-ए-तहरीमा
दोनों हाथ कान तक उठाकर कहें: अल्लाहु अकबर
फिर हाथ बांध लें (पुरुष – नाभि के नीचे, महिलाएं – सीने पर)
3️⃣ सना
सुब्हानका अल्लाहुम्मा व बिहम्दिका
व तबारकसमुका
व तआला जद्दुका
व ला इलाहा ग़ैरुक
4️⃣ तअव्वुज़ और तस्मिया
अऊज़ु बिल्लाहि मिनश्शैतानिर्रजीम
बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम
5️⃣ सूरह फातिहा
अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन
अर्रहमानिर्रहीम
मालिकी यौमिद्दीन
इय्याक नअबुदु व इय्याक नस्तईन
इह्दिनस सिरातल मुस्तक़ीम
सिरातल्लज़ीन अनअम्ता अलैहिम
ग़ैरिल मग़दूबि अलैहिम वलद्दाल्लीन
आमीन
6️⃣ कोई छोटी सूरह
कुल हु अल्लाहु अहद
अल्लाहुस समद
लम यलिद वलम यूulad
वलम यकुल्लहु कुफुवन अहद
7️⃣ रुकू
सुब्हाना रब्बियल अज़ीम (3 बार)
8️⃣ रुकू से खड़े होना
समीअल्लाहु लिमन हमिदह
रब्बना लक़ल हम्द
9️⃣ पहला सजदा
सुब्हाना रब्बियल आला (3 बार)
🔟 सजदे से उठना
अल्लाहु अकबर
1️⃣1️⃣ दूसरा सजदा
सुब्हाना रब्बियल आला (3 बार)
✔️ यह 1 रकअत पूरी हुई
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